Formal Letter in Hindi (औपचारिक पत्र)- Definition, Types

आप जहां काम करते हैं या फिर आप जहां कहीं पढ़ते हैं तो‌ वहां ऊ आप छुट्टी लेने के लिए या फिर उस जगह पर किसी का शिकायत करने के लिए पत्र लिखने की जरूरत पड़ती होगी। ऐसे में आप को पत्र लिखना अच्छे से आना चाहिए और इसके साथ ही आपको Formal Letter in Hindi के बारे में पूरी जानकारी होना आवश्यक है। क्योंकि अगर आपको इसके बारे में पूरी जानकारी नहीं रहेगी कि लेटर कैसे लिखा जाता है और लेटर में क्या-क्या लिखा जाता है तो आप सही तरीके से लेटर नहीं लिख पाएंगे और आप जिस काम के लिए लेटर लिख रहे हैं उस काम को नहीं करा पाएंगे। 

इसलिए आज हम आपको अपने इस लेख के माध्यम से बताने वाले हैं कि फॉर्मल लेटर क्या है, फॉर्मल लेटर कैसे लिखा जाता है, फॉर्मल लेटर को लिखते वक्त किन बातों का ध्यान रखा जाता है और फॉर्मल लेटर लिखने के क्या फायदे हैं। तो इन सभी चीजों के बारे में जानकारी प्राप्त करने के लिए आप हमारे इस लेख में हमारे साथ अंत तक बने रहे। 

Formal Letter in Hindi

हम किसी संस्था के पास कोई लेटर लिखते हैं और किसी तरह का आग्रह करते हैं कि हमारे किसी कार्य को किया जाए या फिर हम किसी से छुट्टी मांग रहे हैं या किसी का शिकायत करते हैं तो वैसे लेटर को फॉर्मल लेटर कहा जाता है। 

फॉर्मल लेटर को हिंदी में औपचारिक पत्र भी कहा जा सकता है। फॉर्मल लेटर का इस्तेमाल उस जगह पर किया जाता है जहां पर आप किसी से छुट्टी मांग रहे हैं, किसी पर शिकायत कर रहे हैं या फिर किसी से कोई काम कराने के लिए आग्रह कर रहे हैं। इसके अलावा आप फॉर्मल लेटर लिखकर अपने स्कूल, कॉलेज और ऑफिस से छुट्टी प्राप्त कर सकते हैं। 

Formal Letter जरूरत क्यों पढ़ती है

फॉर्मल लेटर की जरूरत हमारे जीवन में बहुत ज्यादा है। क्योंकि हम जहां भी काम करते हैं या फिर हम जहां भी पढ़ाई करते हैं वहां से अगर हमें 1 दिन की भी छुट्टी लेनी होती है। तो हमें एक फॉर्मल लेटर लिखना होता है और हमें उसमें कहना पड़ता है कि हमें 1 दिन की छुट्टी चाहिए तभी उस संस्था के संस्थापक द्वारा हमें छुट्टी प्रदान की जाती है। 

इसके अलावा अगर हम किसी संस्था के किसी खास व्यक्ति से परेशान है और हम उसका शिकायत करना चाहते हैं तो हम एक फॉर्मल लेटर लिखकर उस संस्था के संस्थापक को दे सकते हैं और उस व्यक्ति के खिलाफ शिकायत कर सकते हैं। जिससे हमारे द्वारा की गई शिकायत पर ऐक्शन लिया जाएगा और कुछ उपाय निकाला जाएगा। 

अगर हम किसी सरकारी चीज को ठीक कराना चाहते हैं तो हम सरकार के पास फॉर्मल लेटर लिक सकते हैं और इस लेटर के माध्यम से हम सरकार को अपनी परेशानियों के बारे में बता सकते हैं। अगर हम ऐसा करते हैं तो हमारे द्वारा लिखे गए लेटर के माध्यम से तुरंत उस शिकायत पर एक्शन लिया जाएगा और जिस चीज से हमें परेशानी है उसे ठीक किया जाएगा। 

Types Of Formal Letter In Hindi

फॉर्मल लेटर के कुछ प्रकार होते हैं। अगर आप उन प्रकार के बारे में जानते हैं तो अच्छी बात है लेकिन अगर आप नहीं जानते हैं तो हम आइए हम नीचे फॉर्मल लेटर के सभी प्रकार के बारे में विस्तार से आपको बताते हैं। 

1. आदेश पत्र

अगर आप कोई ऐसा लेटर लिखते हैं जिसके माध्यम से आप किसी को कोई कार्य करने के लिए आदेश दे रहे हो तो वैसे लेटर को आदेश पत्र कहा जाता है। आदेश पत्र तब लिखा जाता है जब आप किसी को आदेश देकर उससे कुछ करवाना चाहते हैं। 

2. शिकायत पत्र

आप जिस संस्था में काम कर रहे हैं या फिर जहां पर आप पढ़ाई कर रहे हैं वहां पर अगर आप किसी खास व्यक्ति से या फिर किसी खास चीज से परेशान है और आपको उसके बारे में शिकायत करनी है तो आप जिस पत्र को लिखेंगे उसे शिकायत पत्र कहते हैं। शिकायत पत्र का इस्तेमाल कर हम किसी चीज के बारे में शिकायत करते हैं। 

3. प्रार्थना पत्र 

अगर आप किसी पत्र के माध्यम से किसी से प्रार्थना कर रहे हैं कि हमारे इस कार्य को किया जाए। तो आपके द्वारा लिखे गए वैसे पत्र को प्रार्थना पत्र कहते हैं। उदाहरण के तौर पर अगर आप छुट्टी लेने के लिए कोई पत्र लिखते हैं तो उसे प्रार्थना पत्र कहा जाता है। 

4. कार्यालयी पत्र 

अगर आप किसी सरकारी कार्यालय में कोई पत्र लिख रहे हैं और उस पत्र में लिखी गई बात को सरकारी कार्यालय के लोग करेंगे तो वैसे पत्र को कार्यालय पत्र कहा जाता है। यह जरूरी नहीं है कि कार्यालयी पत्र सिर्फ सरकारी कार्यालय में दिया जाए कार्यालयी पत्र प्राइवेट कार्यालय या फिर किसी भी कार्यालय में दिया जा सकता है। 

5. व्यावसायिक पत्र 

व्यवसाय के संबंध में लिखा गया पत्र व्यवसायिक पत्र कहलाता है। मान लीजिए कि आप अपने व्यवसाय से संबंधित किसी के पास कोई पत्र लिख रहे हैं जिसमें आप अपने व्यवसाय के बारे में बता रहे हैं तो वैसे पत्र को व्यवसायिक पत्र कहां जाएगा। 

औपचारिक पत्र में कितने अंग होते है

आइए अब हम आपको औपचारिक पत्र के हर एक अंग से रूबरू कराते हैं और बताते हैं कि कहां पर आप क्या लिख सकते हैं। इसके साथ ही हम आपको यह भी बताएंगे कि औपचारिक पत्र के सभी अंगो का महत्व क्या है। 

  • सेवा में – किसी भी औपचारिक पत्र को शुरू करने से पहले आपको सेवा में लिखना होता है। सेवा में लिखने का अर्थ होता है कि आप जिसके लिए यह पत्र लिख रहे हैं उसको आप एक तरह से प्रणाम कर रहे हैं। 
  • पद का नाम – आप जिसको यह पत्र देने वाले हैं उस व्यक्ति के पद का नाम लिखें। 
  • जगह का नाम – इसके बाद आपको उस जगह का नाम लिखना है जिस जगह पर आप इस पत्र को दे रहे हैं। 
  • विषय लिखें – उसके बाद आपको यह लिखना है कि आप किस चीज के लिए यह आवेदन लिख रहे हैं। 
  • महाशय – इसके बाद आपको महाशय लिखना है। क्योंकि आप जिसे पत्र दे रहे हैं वह आपसे सीनियर है और महाशय लिखकर आप उसे इज्जत दे रहे हैं। 
  • बॉडी – इसमें आपको यह लिखना है कि आप कौन है, किस पद पर काम कर रहे हैं, आपको कितने दिन की छुट्टी चाहिए और आपको क्यों छुट्टी चाहिए। 
  • आपका आभारी – उसके बाद नीचे आपका आभारी लिखने के बाद अपना नाम पता मोबाइल नंबर आदि जानकारी डाल देनी है। ताकि पत्र पढ़ने वाले को यह समझ आ जाए कि उसे किसे छुट्टी देनी है और आप उसके कंपनी के किस पद पर नियुक्त है। 

फॉर्मल लेटर लिखते वक्त किन बातों का ध्यान रखना चाहिए 

हर चीज को करने के लिए आपको कुछ बातों का ध्यान रखना पड़ता है ताकि आप उस चीज को अच्छे से कर सके। फॉर्मल लेटर को लिखते समय आपको कुछ बातों का ध्यान रखना आवश्यक है ताकि आफ फॉर्मल लेटर अच्छा लिख सके और आप जिस काम के लिए लेटर लिख रहे हैं आपका वह काम हो सके। आइए हम आपको बताते हैं कि फॉर्मल लेटर लिखते वक्त आपको किन बातों पर ध्यान रखना होगा। 

  • फॉर्मल लेटर लिखते वक्त आपको यह ध्यान रखना होगा कि आपके द्वारा लिखा गया भाषा एकदम सरल हो ताकि उसे कोई भी समझ सके। 
  • आपके पत्र का शुरू और अंत दोनों प्रभावशाली तरीके से होना चाहिए ताकि सामने वाला आपसे प्रसन्न होकर आपकी बात मान ले। 
  • परीक्षा भवन आदि जगहों पर अगर आप पत्र लिखते हैं तो आपको अपने नाम की जगह पर एबीसी आदि लिख देना चाहिए। 
  • फॉर्मल लेटर आपको बिल्कुल साफ साफ और अच्छे अक्षर में लिखना चाहिए ताकि सामने वाले को पढ़ने में दिक्कत ना हो। क्योंकि अगर सामने वाले को पढ़ने में दिक्कत होगा तो आपकी बात नहीं मानेगा। 

Formal Letter के उदाहरण

अगर आप सब कुछ जानने के बावजूद भी एक अच्छा फॉर्मल लेटर नहीं लिख पा रहे हैं तो आइए हम आपको नीचे तीन उदाहरण बताते हैं जिसे देख कर आप अच्छे से समझ जाएंगे कि लेटर कैसे लिखा जाता है और आप फॉर्मल लेटर ठीक से लिख पाएंगे। 

पहला उदाहरण 

सेवा में, 

          प्रधानाचार्य 

          ज्ञानोदय पब्लिक स्कूल, आरा

विषय – खेलकूद का मैदान प्राप्त कराने हेतु। 

महाष्य, 

         सविनय निवेदन है कि मैं अकाश कुमार सिंह आपके स्कूल में आठवीं कक्षा में पढ़ता हूं। हमारी स्कूल में जो बच्चों का खेलने का मैदान था वह अब बंद हो चुका है जिससे काफी बच्चों को स्कूल में खेलने का जगह नहीं मिल रहा है। कुछ विद्यार्थी खेलने के लिए स्कूल से बाहर चले जा रहे हैं जो कि उनके लिए खतरा है। 

आप से हमारी प्रार्थना है कि आप जल्द से जल्द हमारे खेल के मैदान को दोबारा खोल दे या फिर किसी नई जगह पर हमें खेलने के लिए एक मैदान प्राप्त कराएं। ताकि हमारे स्कूल के सभी बच्चे वहां खेल सके और जो बच्चे बाहर खेलने के लिए जा रहे हैं वह बाहर ना जाए। हमें आपसे यही उम्मीद है कि आप शीघ्र ही हमारे बात पर अमल करेंगे। 

                                    ‌ आपका आज्ञाकारी शिष्य 

                                आकाश कुमार सिंह 

दूसरा उदाहरण 

सेवा में,

        प्रिय सरपंच महोदय

        ग्राम पंचायत महुली, भोजपुर

विषय – गांव की सड़क ठीक कराने हेतु। 

महोदय, 

         आपसे सविनय निवेदन है कि मैं राजकुमार सिंह आपकी ग्राम पंचायत महोली का निवासी हूं। हमारे गांव महूली की मुख्य सड़क बाढ़ की वजह से पूरी तरह ध्वस्त हो गई है जिस पर गांव वालों को चलने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है और रोड खराब हो जाने की वजह से कोई गाड़ी वाला हमें महुली गांव तक गाड़ी में नहीं ला रहा है जिससे हमें पैदल ही आना पड़ रहा है। 

अतः हमारा आपसे निवेदन है कि आप सरकार के यहां अपील करके जल्द से जल्द उस सड़क को ठीक कराएं। ताकि ग्राम पंचायत के सभी लोग उस सड़क का उपयोग कर सके और लोगों को पैदल अपने गांव तक न आना पड़े। हमें आप पर पूरा उम्मीद है कि आप जल्द से जल्द सड़क को ठीक कराने का काम शुरू करेंगे। 

                                         आपका आभारी 

                                           राजकुमार सिंह 

तीसरा तरीका 

सेवा में, 

Formal Letter लिखने के लाभ

  • फॉर्मल लेटर से आप कहीं भी छुट्टी प्राप्त कर सकते हैं। 
  • फॉर्मल लेटर का उपयोग कर आप किसी पर शिकायत कर सकते हैं। 
  • फॉर्मल लेटर का इस्तेमाल कर आप सरकार के सामने अपनी बात रख सकते हैं। 
  • फॉर्मल लेटर से आप अपना व्यवसाय भी बढ़ा सकते हैं। 

Formal Letter के बारे में पूछे जाने वाले प्रश्न

Q. पत्र क्या होता है? 

जिस बात को हम मुंह से कहने की वजह किसी कागज पर लिखकर कहते हैं तो लिखे गए कागज को पत्र कहा जाता है। 

Q. हिंदी पत्र लेखन कितने प्रकार की होती है? 

हिंदी पत्र लेखन दो प्रकार के होते हैं पहला औपचारिक पत्र और दूसरा अनौपचारिक पत्र। 

Q. औपचारिक पत्र कितने प्रकार के होते हैं? 

औपचारिक पत्र पांच प्रकार के होते हैं – आदेश पत्र, प्रार्थना पत्र, कार्यालयी पत्र, शिकायत पत्र, व्यावसायिक पत्र

निष्कर्ष

आज के इस आर्टिकल के माध्यम से हमने Formal Letter in Hindi के बारे में जानकारी प्राप्त की है। हमने आपको बताया है कि फॉर्मल लेटर क्या होता है, फॉर्मल लेटर कैसे लिखा जाता है और फॉर्मल लेटर के हर अंग का मतलब क्या होता है। 

उम्मीद करते हैं आपको हमारा यह आर्टिकल पसंद आया होगा और इस आर्टिकल में फॉर्मल लेटर के बारे में दी गई सारी जानकारी आपको समझ में आ गई होगी। अगर आपको हमारा यह आर्टिकल पसंद आया तो आप इसे अपने दोस्तों और उनके साथ-साथ अपने सोशल मीडिया पर जरूर शेयर करें। ताकि आप से जुड़े सभी लोग फॉर्मल लेटर का इस्तेमाल कर सकें। 

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