इंटरनेट क्या है – What Is Internet In Hindi

आज के युग में लगभग हर व्यक्ति इंटरनेट का इस्तेमाल करता है और इंटरनेट के जरिए आज बहुत से कार्य घर बैठे किए जाते हैं आज हम इसी इंटरनेट के बारे में जानेगे की यह Internet In Hindi और इसका हमारे जीवन में क्या प्रभाव पड़ता है और इंटरनेट की शुरुआत कब और किसने की थी

Internet की परिभाषा

इंटरनेट का फुल फॉर्म इंटरनेशनल नेटवर्क है जिसका अर्थ होता है अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क, यह एक अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क है जो दो या दो से अधिक कंप्यूटर को आपस में wireless तरीके से जोड़ता है जिसके जरिए कंप्यूटर में मौजूदा जानकारी को हम एक कंप्यूटर से दूसरे कंप्यूटर में भेज सकते हैं तथा एक कंप्यूटर से दूसरे कंप्यूटर में प्राप्त कर सकते हैं

what is internet in hindi

Internet क्या है (What is Internet In Hindi)

इंटरनेट का हिंदी में अर्थ अंतरजाल है यह लाखों कंप्यूटर का एक जाल है, याने इंटरनेट एक ऐसा नेटवर्क है जिसमे अंतरराष्ट्रीय रूप से लाखों कंप्यूटर एक दूसरे से जुड़े होते हैं जिससे जानकारी का एक कंप्यूटर से दूसरे कंप्यूटर में आदान प्रदान किया जाता है यह जानकारी Image, Text, video, और Audio के रूप में हो सकती है

उदाहरण

इंटरनेट को अच्छे से समझने के लिए कुछ उदाहरण: –
1. जैसे कि आप अपने मोबाइल से किसी व्यक्ति को WhatsApp के जरिए कोई मैसेज करते हो तो वह जानकारी सामने वाले व्यक्ति के मोबाइल में WhatsApp पर पहुंच जाती है, ” मोबाइल भी एक छोटा कंप्यूटर ही है जिसमें जानकारी का आदान- प्रदान किया जा सकता है”
2. जब आप अपने Mobile या Computer से किसी Web Browser में जाकर किसी प्रश्न को Shearch करते हो और किसी लिंक पर क्लिक करके वेबसाइट में जाकर अपने प्रश्न का उतर हासिल करते होतो वह जानकारी भी किसी कंप्यूटर से आपके कंप्यूटर तथा मोबाइल तक पहुंचती है जिसे Server Computer कहा जाता है और जिसमें आप जानकारी प्राप्त कर रहे हो उसे Clint Computer कहा जाता है
जैसे = आप अभी Web Browser में अपना प्रश्न “What is Internet in Hindi” को Shearch करके इस लेख तक आये तो यह जानकारी भी Internet के माध्यम से एक Sever Computer से आपके Clint Computer/Mobile तक पहुंची है 
3. जैसे आप Youtube में किसी वीडियो को देखते होतो वह वीडियो भी इंटरनेट के माध्यम से एक सर्वर कंप्यूटर से आपके कंप्यूटर तक पहुंचता है

“इंटरनेट में यह सब जानकारी का आदान प्रदान करने के लिए कई सरे Protocol होते हैं जिसे Internet Protocol कहते हैं”

Protocol का अर्थ नियन है, जिस तरह सभी कार्य को करने के लिए अपने-अपने कुछ नियम होते हैं उसी तरह internet  में Data/जानकसरी को एक कंप्यूटर से दूसरे कंप्यूटर में भेजने और प्राप्त करने के लिए भी कुछ नियम बनाये होते हैं, इंटरनेट कैसे काम करता है इसकी जानकारी के लिए यह click करे –  How Internet work In Hindi

इंटरनेट का हमारे जीवन में क्या प्रभाव पड़ता है

Explain Internet In Hindi ands Its Advantages and Disadvantages In Hindi

आज के समय में इंटरनेट लोगो के घरो-घरो में अपनी जगह बना लिया है, इस युग के लगभग सभी व्यक्ति इंटरनेट का उपयोग करते हैं, आज इंटरनेट लोगों की एक जरूरत बन चुका है जिसके बिना कई सारे काम रुक सकते हैं इंटरनेट के आ जाने से व्यक्ति के कई सारे काम बहुत ही आसान होचुके हैं जैसे कि आज हमें ट्रेन टिकट बुकिंग, फ्लाइट टिकट बुकिंग जैसे कार्य  को करने के लिए रेलवे स्टेशन या एयरपोर्ट जाना नहीं पड़ता हम घर बैठे ही टिकट को इंटरनेट के माध्यम से बुक कर सकते हैं साथ ही आज हम इंटरनेट के जरिए घर बैठे शॉपिंग भी कर पारहे हैं आज के समय में हर Company के Office में इंटरनेट के जरिए काम किया जाता है चाहे वह कंपनी प्राइवेट हो या गवर्नमेंट।

आज हम इंटरनेट की मदद से e-banking जैसे सर्विस का उपयोग करके अपने कंप्यूटर के जरिए अपने बैंक खाते से किसी अन्य खाते में पैसों को ट्रांसफर भी कर सकते हैं, इसी तरह इंटरनेट से हमें कई सारी सुविधाएं मिलती है 

इंटरनेट से लाभ और हानि

जैसा कि हम जानते हैं किसी भी चीज के कुछ लाभ होते हैं तो वहीं उसकी कुछ हानि भी होती हैं

इंटरनेट से लाभ

  1. इंटरनेट की मदद से हम किसी भी प्रकार की जानकारी को प्राप्त कर सकते हैं 
  2. इंटरनेट से हम इलेक्ट्रिक बिल, मोबाइल डेटा बिल, d2h बिल जैसे बिलों का भुगतान घर बैठे कर सकते हैं
  3.  इंटरनेट से घर बैठे शॉपिंग कर सकते हैं और बिना मोल भाव के सही कीमत में हम सामान को खरीद सकते हैं
  4. इंटरनेट की मदद से यूट्यूब वीडियो बनाकर ब्लॉकिंग करके और कई अन्य तरीको से घर बैठे हैं कुछ पैसे कमा सकते हैं
  5. इंटरनेट से हम Music सुनकर या कोई Video देख कर अपना मनोरंजन कर सकते हैं
  6. कोई भी latest news और information हम इंटरनेट के माध्यम से तुरंत प्राप्त कर सकते हैं
  7. इंटरनेट में social media के जरिए हम घर बैठे अपने दोस्तों से बात कर सकते हैं

इंटरनेट से हानि

  1. इंटरनेट से हमारे कंप्यूटर में कोई वायरस आ सकता है जो हमारे कंप्यूटर को खराब कर सकता है
  2. इंटरनेट के आदि हो जाने पर समय की बर्बादी होती है जो इंटरनेट जानकारी प्राप्त करने के लिए यह अपना काम करने के लिए उपयोग करता है वह तो सही है पर कुछ लोगों को इंटरनेट की लत लग जाती है जाती हैं जिससे वह अपना सारा टाइम इंटरनेट में ही बिता देता है
  3. Spamming भी इंटरनेट की एक हानि है जैसा कि हम कई बार देखते हैं हमारे ईमेल पर कई ऐसे ईमेल्स आते रहते हैं जो हमारे किसी काम के नहीं होते हैं उसे हम Spam Mail कहते है
  4. इंटरनेट के जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल से कई सारे दुष्परिणाम होते हैं जैसे आंखों में दर्द होना, वजन बढ़ना, डिप्रेस्ड फील होना, सर में दर्द होना आदि

Internet के आविष्कार का विकास और इतिहास: –

इंटरनेट का आविष्कार किसी एक समय और किसी एक वैज्ञानिक के द्वारा नहीं हुआ है इसका आविष्कार पीढ़ी दर पीढ़ी कई वैज्ञानिकों के सहयोग से हुआ है

इंटरनेट की शुरुआत सबसे पहले 1962 में USA के Department of Defense के द्वारा हुई थी इस समय America की Defense Team एक ऐसा Wireless network बनाना चाहती थी जिसके जरिए America की Defense Team के सभी कंप्यूटर एक दूसरे से जुड़ सके चाहे वह कंप्यूटर कितने भी दूर क्यों ना हो “इसके जरिये वह जानकारी को तेजी से एक जगह से दूसरी जगह पर भेजना चाहते थे”

सन 1962 में अमेरिका के एक कंप्यूटर साइंटिस्ट “J.C.R. Licklider” ने एक संस्था बनाई जिसका नाम उन्होंने DARPA (Defense Advanced Research Projects Agency) रखा इस संस्था के द्वारा उन्होंने एक नेटवर्क बनाया जिसका नाम उन्होंने Intergalactic Computer Network रखा इसका मकसद अमेरिका डिफेंस सिस्टम के सभी कंप्यूटर को एक दूसरे से wireless तरीके से जोड़ना था जिससे वह अपने सीक्रेट मैसेज अथवा जानकारी को एक जगह से दूसरी जगह सुरक्षित, तेज़ और गुप्त रूप से भेज सकें

9 अक्टूबर 1969 में DARPA ने California University के एक कंप्यूटर से 350 किलोमीटर दूर Stanford Research Institute के एक कंप्यूटर में इस नेटवर्क का इस्तेमाल करके दुनिया का सबसे पहला संदेश “Login”  को भेजा का प्रयास किये पर Stanford Research Institute का कंप्यूटर आधा संदेश “Lo” को भेजने के द्वारा ही क्रैश हो गया. फिर बाद में कुछ सुधार के बाद वह इस संदेश को भेजने में सफल हो

फिर सन 1974 मैं  DARPA के Chief Manager “Vint Cerf” और “Robert E. Kahn” ने  दो कंप्यूटर को आपस में जोड़ने और सही से जानकारी को भेजने के लिए TCP(Transmission Control Protocol) को डेसिंग किया जिसका उपयोग आज भी हो रहा है 

फिर 1 January  1983 में Vint Cerf और Robert E. Kahn ने हर कंप्यूटर के लिए एक unick ID बनाइए जिससे IP Address कहते है इससे हर कंप्यूटर में Internet को Excess करना आसान हो गया और तब से TCP को उपयोग IP के साथ मिला कर किया जाने लगा तब यह  TCP/IP कहलाया , ” TCP Data/जानकारी को भेजता है और IP उस कंप्यूटर का Address को detect करता है जिसमे जानकारी को भेजना है 

“Vint Cerf” और “Robert E. Kahn” को Father Of Internet कहा जाता है
फिर 1983 में ही Paul Mockapetris ने domain name का अविष्कार किया जैसे .com, .in, .net, .gov आदि. इसकी मदद से वेबसाइटें नाम से बन्ना शुरू हो गई  वरना इसके पहले किसी भी वेबसाइट में जाने के लिए उसका IP address (जैसे – 123.3.5.11.2) हमें याद रखना होता था और इसी की मदत से वेबसाइट तक पहुंचा जा सकता था

फिर 1989 में Vint Cerf और Robert ने दुनिया की सबसे पहली ISP याने “Internet Service Provider Company” बनाई जिसका नाम उन होना “Telnet” रखा इसके द्वारा आम लोगों को इंटरनेट इस्तेमाल करने दिया जाने लगा वरना 1989 के पहले इंटरनेट केवल अमेरिका का Defense System, Government Agency और Research University में ही होता था
भारत में internet पहली बार 15 अगस्त, 1995 को विदेश संचार निगम लिमिटेड (VSNL) द्वारा शुरू किए गए था. बाद में VSNL का नाम बदल कर BSNL (भारत संचार निगम लिमिटेड) कर दिया गया

इसके बाद भारत में आज तक बहुत सी Private ISP (internet service provider companies) वजूद में आई जैसे Jio, Airtel, VI आदि जिनके जरिए आज हम इंटरनेट का उपयोग कर पा रहे हैं

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आशा है आपको इस लेख(Article) में समाज आ गया होगा की इंटरेंट क्या है (What is Internet In Hindi), इस्का इतिहास क्या है और इस्के फायदे और नुक्सान क्या-क्या है

hindiset का यह Article पढ़ने लिए आपका शुक्रिया।

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