Introduction Of Computer In Hindi – कंप्यूटर का परिचय

Introduction Of Computer In Hindi: आज के इस आधुनिक युग में कंप्यूटर का बहुत बड़ा योगदान है कंप्यूटर की मदद से आज घंटों के काम कुछ ही मिनटों में हो जाते हैं इसलिए आज के इस युग में आपको पता होना चाहिए computer kaise chalate hai और कंप्यूटर की बेसिक जानकारी होना चाहिए और इस लेख में आप जानेंगे कि कंप्यूटर क्या है 

कंप्यूटर का अर्थ और परिभाषा

कंप्यूटर शब्द लैटिन भाषा (Latin language) के ‘कंप्यूट’ (Computer) से बना है जिसका अर्थ होता है गणना करना

कंप्यूटर एक इलेक्ट्रॉनिक उपकरण है जो हार्डवेयर (Hardware) और सॉफ्टवेयर (Software) के माध्यम से संचालित होता है यह गणितीय और लॉजिकल (mathematical and logical) क्रियाओ को सुधारना और तेज गति से करता है.

कंप्यूटर इनपुट यूनिट (input Unit) द्वारा आदेशों और डेटा (Data) को प्राप्त करता है और CUP द्वारा उस पर कार्य करता है और आउटपुट यूनिट (Output Unit) दुवारा कार्य का परिणाम दिखता या देता हैजानिए कंप्यूटर की विशेषता :-

Computer का Fullform Commonly Operated Machine- Particularly Used Technical Educational Research होता है

कंप्यूटर के कार्य करने की प्रणाली (Computer System In Hindi)

कंप्यूटर चार मुख्य नियमों के अनुसार काम करता है:-

  1. इनपुट यूनिट से डाटा (Data) को उपयोगकर्ता (User) से प्राप्त करना।
  2. मेमोरी में निर्देशों और डाटा को संग्रहित रखना।
  3. मिले हुये निर्देशों या डाटा पर आदेश अनुसार Processing करना।
  4. प्रोसेसिंग करके आये परिणाम को आउटपुट यूनिट दुवारा User तक पहुंचना।

कंप्यूटर के मुख्य पुर्जे (Main Components of Computer In Hindi)

कंप्यूटर में हार्डवेयर और सॉफ़्टवेयर (HARDWARE AND SOFTWARE) होते हैं जिनकी जिनकी मदत से कंप्यूटर काम करता है

Hardware

Computer Hardware कंप्यूटर के भौतिक तत्व (physical elements) होते है जिससे आप छू और महसूस कर सकते हो कंप्यूटर हार्डवेयर दो प्रकार के होते है एक्सटर्नल हार्डवेयर (External Hardware) और इंटरनल हार्डवेयर (Hardware)

जो डिवाइस कॉम्पटर के बहार से हमें नज़र आते है वह एक्सटर्नल हार्डवेयर होते हो और जो कंप्यूटर के कैबिनेट के अंदर होते है जिन्हे देखने के लिए हमें कंप्यूटर को खोना होता है वह सब इंटरनल हार्डवेयर होते है

Types Of Hardware’s Device In Hindi

कंप्यूटर हार्डवेयर में चार प्रकार के डिवाइस (Device) होते है:-

  • इनपुट डिवाइस (Input Device)
  • प्रोसेसिंग डिवाइस (Processing Device)
  • आउटपुट दिवस (Output Device)
  • स्टोरेज डिवाइस (Storage Device)
Input Device

Input Device को Input Unit भी कहा जाता है यह दडिवाइस की मदत से कंप्यूटर तरह-तरह के आदेशों (commands) और डाटा को उपयोगकर्ता (User) से प्राप्त करता है

उद्धरण (Example) :-

  • कीबोर्ड (Keyboard)
  • माउस (Mouse)
  • टच पेड (Touch Paid)
Keyboard

Keyboard में हम जो भी Type करते है वह सब डाटा हमारे कंप्यूटर में जाता है इस तरह Keyboard से कंप्यूटर को डाटा प्राप्त होता है यही कारण से यह एक Input Device है

Mouse

Mouse के पॉइंटर (pointer) को हम कंप्यूटर स्क्रीन में कही भी घुमा सकते है यह भी एक प्रकार का आदेश है जो कंप्यूटर Mouse के जरीरे User से लेता है और जब हम Mouse से Pointer को किसी Software या Application पर ले जाकर राइट क्लिक करते है तो उस Software को खोने का आदेश कंप्यूटर को जाता है

Touch Paid

यह आमतोर पर Laptop में लगा होता है इस Device पर अपने हाथ की उंगलियों का इस्तेमाल करके बिकुल Mouse की तरह पॉइंटर को स्क्रीन में एक जगह से दूसरी जगा ले जाता जा सकता है और किसी सॉफ्टवेयर को खोलने का आदेश दिया जाता है

Processing Device

Processing Device यह भी Processing Unit के नाम से भी जाना जाता है यह वो उपकरण (Device) होते है जो Input Device से मिले हुये आदेश और डाटा पर Processing या कार्य करते है और उसका परिणाम निकलती है

उद्धरण (Example) :-

  • प्रोसेसर (Processor)
  • ग्रापिक्स कार्ड (Grapics Card)
  • साउंड कार्ड Sound Card
  • वीडियो कार्ड Video Card
Processor

Processor को CPU (Central Processing Unit) के नाम से भी जाना जाता है इसे कंप्यूटर का दिमाग भी कहा जाता है हम कंप्यूटर में जो भी कार्य करते है अथवा कोई भी Software चलाते है वह Processor की मदत से चल पाते है

जब हम इनपुट डिवाइस से किसी सॉफ्टवेयर को चलाने का आदेश देते है तब उस सॉफ्टवेयर की डाटा फाइल्स (Data Files) पर प्रोसेसर कार्य करता है और परिणाम निकलता है

Grapics Card

Grapics Card कंप्यूटर के Grapics से सम्बंदित कार्य पर आदेश अनुसार Processing करता है

Sound Card

Sound Card हर Speaker के अंदर होता है यह Binary Code को Decode करके उससे Sound में Convert करता है

Video Card

यह Grapics Card का ही छोटा रूप है बस इसकी Grapics पर Processing करने की छमता Grapics Card से कम होती है Video Card आज के हर TV, Smart Phone और Computer के Moniter आदि में Inbuilt होता है

Output Device

इसे Output Unit भी कहते है यह उपकरण उपयोगकर्ता (User) को आउटपुट प्रदान करते है

जो भी परिणाम Processing Device से निकले जाते है उससे उपयोगकर्ता तक पहुंचने के लिए Output Device की आवश्यकता होती है

उद्धरण (Example) :-

  • मॉनिटर (Monitor)
  • प्रिंटर (Printer)
  • स्पीकर (Speaker)
Monitor

जब भी हम Mouse से किसी Software को Open करने का आदेश देते है तो Processing तो Processer में होती है पर उसका परिणाम आपको Monitor में देखने को मिलता है इस तरहा Monitor उपयोगकर्ता(User) को Output देते है

Printer

हम Keyboard या Mouse से जब किसी Document या File को print करने का आदेश कंप्यूटर को देते तब वह Print आपको Printer से मिलता है इस तरह Printer आपको आउटपुट प्रदान करता है

Speaker

जम हम कंप्यूटर को कोई Audio या Music को Play करने का आदेश देते है तब Speaker की मदत से आप उस Audio को सुन पते हो इस तरना से Speaker Audio का आउटपुट देता है

Storage Device

Storage Device को कई बार सिर्फ Computer Memory कहा जाता है Storage Device का उपजोग कंप्यूटर में डाटा को Store या Excess करने के लिए होता है जिससे उपयोगकर्ता कंप्यूटर में डाटा को Store कर सकता है फिर बाद में उस डाटा की जरुरत पड़ने पर उससे Excess कर सकता

मुख रूप से Storage Device दो प्रकार के होते है :-

  • प्राइमरी स्टोरेज (Primary Storage)
  • सेकेंडरी स्टोरेज (Secondary Storage)
Primary Storage

Primary Storage इससे Primary Memory के नाम से भी जाना जाता हैयह कंप्यूटर की मुख्य (Main) मेमोरी होती है Primary Memory की गति Secondary मेमोरी से बहुत तेज़ होती है

Primary Memory RAM और ROM को काह जाता है

RAM

RAM का Fullform Randum Excess Memory है इस मेमोरी में डाटा लम्बे समाय तक Store नहीं होता कंप्यूटर के बंद होते ही इसमें मौजूद संग्रहित डाटा मिट जाता है पर यह एक लोटी ऐसी मेमोरी है जो सीधे CPU के साथ Communicate करती है क्योंकी इसकी गति बाकि मेमोरी बहुत तेज़ होती है

ROM

ROM का Fullform Read Only Memory है इस मेमोरी में डाटा को मिटाया या बदला नहीं जा सकता इससे सिर्फ Read करा जा सकता है इस मेमोरी को कंप्यूटर के निर्माण के समय डाला जाता है जिसमे Hardware को चलने वाले Instructions अथवा Programs होते है

Secondary Storage

इससे Secondary Memory भी कहते है इस मेमोरी का उपजोग कंप्यूटर में डाटा को स्थाई रूप से संग्रहित करने के लिए होता है जो कंप्यूटर के बंद होने के बाद भी मेमोरी में डाटा संग्रहित रहता है

यह मेमोरी का डट CPU से Direct Communicate नहीं करता यह पहले RAM में Lood होता है फिर RAM उस डाटा के साथ CPU के साथ Communicate और Processing करता है

Secondary Memory कई प्रकार की होती है जैसे Hard Disk, SSD, Pendrive आदि

यह सब में डाटा को संग्रहित (Store) और मिटाया (Delete) किया जा सकता है जो कंप्यूटर के बंद होने पर भी संग्रहित होता है

Software

सॉफ्टवेयर प्रोग्राम्स के सेट को कहते है (set of programs is called software) याने जिस फाइल्स में बहुत सारे प्रोग्राम्स होते जिसमें कई सरे Commands और Instrutions होते है उसे Software कहा जाता है

Software कंप्यूटर का वो अंग होता है जिसे हम देख तो सकते है पर छू नहीं सकते

जैसे हम Computer और Mobile Screen में जो भी Applications और Tools देखते हो वह सब Software होते है और जिस Monitor पर हम देखते है वह Monitor Hardware होता है

कंप्यूटर को चलना और सभी Input Output Units को एक साथ अच्छे से नियंत्रण (Control) करने के लिए Software बहुत जरुरी होता है बिना software के कोई भी कंप्यूटर काम नहीं करता।

अगर कंप्यूटर में कोई Software न हो तो वो चालू ही नहीं होगा

Software के कुछ आम और मशहूर उद्धरण जिसके बारे में अपने सुना होगा :-

Windows, Andriod, IOS

यहाँ तीनो सॉफ्टवेयर बहुत मशहूर है जिसकी मदत से हम अपने Computer और Mobiles को Operate कर पाते है

आशा है आज आपको कंप्यूटर का परिचय (Introduction Of Computer In Hindi) मिल गया होगा अगर अभी भी आपको कुछ समझ नहीं आया या आपके मन में कोई सवाल है तो आप Comment करके हमसे पूछ सकते हो

Hindiset का यह लेख पड़ने के लिए आपका सुक्रिया

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *